खगोलीय कैलेंडर
ग्रहण, उल्का वर्षा, पूर्णिमा और सुपरमून, पृथ्वी के सबसे निकट या आकाश में पास-पास दिखने वाले ग्रह: आने वाली खगोलीय घटनाएँ, तारीख और समय के साथ (भारतीय मानक समय)।
खगोलीय कैलेंडर 2026 खगोलीय कैलेंडर 2027
आने वाली घटनाएँ
| तारीख | समय | घटना |
|---|---|---|
| रवि, 4 अक्टू॰ 2026 | — | शनि प्रतियुति में — पृथ्वी के सबसे निकट (126.2 करोड़ किमी) और पूरी रात दिखेगा; कांतिमान 0.2; तारामंडल: तिमिंगिल |
| सोम, 5 अक्टू॰ 2026 | — | चंद्रमा मंगल के पास — 1.1°, सुबह |
| मंगल, 6 अक्टू॰ 2026 | — | चंद्रमा बृहस्पति के पास — 0.2°, सुबह |
| शुक्र, 9 अक्टू॰ 2026 | — | ड्रेकोनिड्स — 8–9 अक्टूबर की रात उल्का वर्षा का चरम, आदर्श आकाश में प्रति घंटे 10 तक; चाँदनी कम (3% प्रकाशित): अच्छी स्थिति · विवरण |
| सोम, 12 अक्टू॰ 2026 | — | बुध का अधिकतम दीर्घीकरण — सूर्य से 25°, शाम को, सूर्यास्त के बाद पश्चिम में नीचे |
| बुध, 21 अक्टू॰ 2026 | — | ओरायनिड्स — 21–22 अक्टूबर की रात उल्का वर्षा का चरम, आदर्श आकाश में प्रति घंटे 20 तक; चंद्रमा 78% प्रकाशित: देखने में बाधा · विवरण |
| सोम, 2 नव॰ 2026 | — | चंद्रमा मंगल के पास — 1.0°, सुबह |
| मंगल, 3 नव॰ 2026 | — | चंद्रमा बृहस्पति के पास — 0.5°, सुबह |
| शनि, 7 नव॰ 2026 | — | चंद्रमा शुक्र के पास — 1.0°, सुबह |
| गुरु, 12 नव॰ 2026 | — | उत्तरी टॉरिड्स — 12–13 नवंबर की रात उल्का वर्षा का चरम, आदर्श आकाश में प्रति घंटे 5 तक; चाँदनी कम (11% प्रकाशित): अच्छी स्थिति · विवरण |
| सोम, 16 नव॰ 2026 | — | मंगल और बृहस्पति पास-पास — 1.2° की दूरी, सुबह |
| बुध, 18 नव॰ 2026 | — | लियोनिड्स — 17–18 नवंबर की रात उल्का वर्षा का चरम, आदर्श आकाश में प्रति घंटे 15 तक; चाँदनी कम (55% प्रकाशित): अच्छी स्थिति · विवरण |
| शनि, 21 नव॰ 2026 | — | बुध का अधिकतम दीर्घीकरण — सूर्य से 20°, सुबह, सूर्योदय से पहले पूर्व में नीचे |
| मंगल, 24 नव॰ 2026 | 20:24 | पूर्णिमा — सुपरमून, पृथ्वी से 3,60,800 कि॰मी॰ · विवरण |
समय भारतीय मानक समय में। आकाश की घटनाएँ हर उस जगह से दिखती हैं जहाँ अँधेरा और साफ़ आसमान हो; ग्रहण केवल कुछ क्षेत्रों से।
गणना: Astronomy Engine (चंद्रमा और ग्रहों की स्थिति); उल्का वर्षाएँ अंतरराष्ट्रीय उल्का संगठन (IMO) की सूची से। पिंडों के बीच की दूरी पृथ्वी के केंद्र से मापी गई है; चंद्रमा के लिए यह जगह के अनुसार लगभग एक डिग्री बदलती है।